May 17, 2022

विश्वनाथ कुमार बैरागी होंगे छतीसगढ़ वैष्णव महासभा के नये प्रांतीय युवा अध्यक्ष, तरुण वैष्णव बने महासचिव, तिलोत्तमा वैष्णव बनी महिला प्रदेश उपाध्यक्ष…छतीसगढ़ वैष्णव महासभा का प्रांतीय बैठक और होली मिलन समारोह रायपुर मे हुवा सम्पन्न..

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रायगढ़। बैरागी या वैष्णव एक प्रतिष्ठित भारतीय जाति हैं। विष्णु के उपासक को वैष्णव या बैरागी कहा जाता है। वैष्णव सम्प्रदाय के समस्त प्राचीन मंदिरो की अर्चना वैष्णवों (बैरागी) द्वारा ही की जाती है। वैष्णवीय आध्यात्मिक मार्ग में परम्परानुसार इन्हें गुरु पद प्राप्त है। वैष्णवीय परम्परा कर्मकांड पर जोर ना देते हुए भक्तिमार्ग पर अधिक जोर देती है। अतः वैष्णव मंदिरो में भगवान की पूजा अर्चना करते है।
छत्तीसगढ़ में वैष्णव धर्म के प्राचीन प्रमाण ईसा की पहली और दूसरी सदी में पाए जाते हैं।

अखिल भारतीय वैष्णव विकास परिषद के राष्ट्रीय महासचिव लखन दास वैष्णव ने बताया की
छतीसगढ़ वैष्णव महासभा पं क्र.- 5811 छतीसगढ़ के वैष्णव, बैरागी बंधुओं का सबसे बड़ा संगठन है, जहाँ वैष्णव समाज के उत्थान हेतु समाज के पदाधिकारी सदैव तत्पर रहते हैँ।
गुरु समाज की उपाधि प्राप्त वैष्णव समाज के विकास के लिए छतीसगढ़ वैष्णव महासभा दिन-रात प्रयासरत हैँ जिसके लिए रायपुर,कवर्धा, बिलासपुर, कोरबा, जांजगीर, राजनांदगॉव, डोंगरगढ़ सहित् प्रदेश के समस्त जिलों मे भव्य सम्मेलन कराते आ रहे हैँ। लेकिन कोरोनाकाल और लॉकडाउन के मद्देनज़र विगत 2 वर्षो से समाजिक बैठक संभव नही हो पा रहा था। अब केंद्र और राज्य सरकाए के अथक प्रयास से कोरोना महामारी पर नियंत्रण की दशा मे पुनः समाज को संगठित करने का समय आ गया है इसलिए 27 जनवरी को रायपुर के सत्यनारायण धर्मशाला मे प्रदेश पदाधिकारियों हेतु बैठक और होली मिलन समारोह रखा गया था। जिसमे पूरे छत्तीसगढ़ से पदाधिकारी उपस्थित थे जिसमे महिला और युवा पदाधिकारियों की भी उपस्थिति थी।

कार्यक्रम की शुरुवात भगवान विष्णु एवं मा लक्ष्मी की पूजा- अर्चना से प्रारम्भ की गयी. तत्पश्चात समस्त आगंतुक पदाधिकारियों को तिलक एवं पुष्पाहार से स्वागत किया गया. ढोल-नगाढ़े से फाग गीत गाकर , मिठाई एवं फल वितरित कर होली मिलन उत्सव मनाया गया। महासभा द्वारा सम्मेलन मे पधारे समस्त बंधुओं हेतु उत्तम भोजन प्रसाद की व्यवस्था की गयी थी।

कोरोनाकाल मे दिवंगत वैष्णव बंधुओं की आत्मा की शांति हेतु प्रार्थना-

छतीसगढ़ वैष्णव महासभा ने कोरोनाकाल मे दिवंगत स्व. राधाकृष्ण दास, स्व. नवल किशोर वैष्णव, स्व.रामकृष्ण दास, स्व.रेवती वैष्णव सहित अपनों से बिछड़े समस्त दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया।

महासभा ने नव युवा एवं महिला पदाधिकारियों का किया चयन-

छतीसगढ़ वैष्णव महासभा ने प्रांतीय स्तर पर ऊर्जावान नव पदाधिकारियों को संगठन के प्रति महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है। जिसमे रायगढ़ के विश्वनाथ कुमार बैरागी को प्रदेश युवा अध्यक्ष का दाईत्व सौंपा है, महासचिव हेतु तरुण प्रकाश वैष्णव एवं उपमहासचिव का पद हेतु युगलकिशोर वैष्णव को सर्वसम्मति से मनोनीत किया गया। वहीं राष्ट्रीय महिला अध्यक्ष श्रीमती कमला वैष्णव ने समाजसेवी शिक्षाविद तिलोत्तमा वैष्णव लैलूंगा को प्रांतीय महिला उपाध्यक्ष के पद पर मनोनीत किया। प्रदेश सांस्कृतिक प्रमुख के रूप मे दामोदर वैष्णव को चुना गया जिस पर समस्त उपस्थित वैष्णव पदाधिकारियों ने एकमत से अपनी सहमति जताई। कार्यक्रम मे छतीसगढ़ वैष्णव महासभा के अध्यक्ष पूरण दास वैष्णव राष्ट्रीय महासचिव लखन दास वैष्णव, राष्ट्रीय महिला अध्यक्ष कमला वैष्णव, उप महासचिव कामेश्वर वैष्णव्, उपमहासचिव अशोक दास वैष्णव, कोषाध्यक्ष नोहर दास वैष्णव, नरेन्द्र वैष्णव कोसीर, ईश्वर दास, दिलीप वैष्णव, राजू वैष्णव, गजानंद वैष्णव, मनिंद्र वैष्णव, महेश दास, डमरुधर दास, रिखिदास, नीलेश दास, खिलावन वैष्णव, मंगल दास, मनोहर वैष्णव, सुरेंद्र दास, कलिया दास, यशु, कमलनारायण, योगरश्वर दास, मनोहर, कमल, मोहरदास, संतोष, लक्ष्मीनारायण, युगल वैष्णव, संतोष, अमितेश, मोरध्वज, मधुसूदन, हलधर, श्रवण दास, निखिल, चंद्रशेखर, सविता वैष्णव, हेमलता, ज्योति वैष्णव, लता , हेमलता, उर्वशी, हसीना वैष्णव, कल्पना वैष्णव, राधा, कामिनी, डाली, लता, अंजलि, पुष्पा, सुमन, प्रतिमा , धनेश्वरी, अर्चना, पुष्पलता, शिव वैष्णव, दामोदर, अरुण, श्याम, सुनील, लक्ष्मीकान्त सहित सैकड़ों की संख्या मे वैष्णव पदाधिकारी उपस्थित थे।

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