December 6, 2021

अपने अधिकार को पाने समाज को शिक्षित और जागरूक होना जरूरी – सुश्री उइके

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खुम्हरी टोपी और तीर -धनुष देकर राज्यपाल को किया गया सम्मानित

राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके बिरसा मुंडा जयंती कार्यक्रम में हुई शामिल

अम्बिकापुर :- राज्यपाल सुश्री अनुसुइया उइके ने कहा है कि अपने संवैधानिक अधिकारों तथा शासन की योजनाओ का लाभ लेने के लिए आदिवासी समाज को शिक्षित और जागरूक होना होगा। युवाओ को आगे आकर अपना भविष्य गढ़ना होगा ताकि आने वाली पीढ़ी का भी भविष्य उज्ज्वल और सशक्त हो सके । उन्होंने कहा कि युवा जब भी सामाजिक बैठकों में शामिल हो वे इस बात की विश्लेषण जरुर करें कि शासन की कौन सी योजना में समाज के कितनो को लाभ मिला है।जो लाभ से वंचित है उन्हें कैसे लाभ दिलाया जा सके।

राज्यपाल सुश्री उइके यहां अम्बिकापुर के अजिरमा स्थित गोंड समाज भवन प्रांगण में गोंड समाज विकास समिति एवं सर्व आदिवासी समाज के संयुक्त तत्वावधान में सोमवार को आयोजित बिरसा मुंडा जयंती एवं देव उठान कार्यक्रम को संबोधित कर रही थीं। राज्यपाल सुश्री उइके का प्रथम अंबिकापुर आगमन पर कार्यक्रम स्थल पर समाज के लोगों द्वारा करमा नृत्य एवं बजे गाजे के साथ भव्य स्वागत किया। इसके पश्चात गोंड समाज के सामुदायिक भवन का भूमि पूजन किया गया तथा बिरसा मुंडा एवं अन्य महापुरुषों के छायाचित्र पर माल्यार्पण किया गया। इस अवसर पर आदिवासी समाज के द्वारा राज्यपाल को खुम्हरी टोपी पहनाकर तथा तीर धनुष देकर सम्मानित किया गया।

राज्यपाल ने कहा कि बिरसा मुंडा, शहीद वीर नारायण सिंह, गेंद सिंह, रानी दुर्गावती जैसे अनेक वीर और वीरांगनाओ ने अपनी प्राणों की आहुति देकर स्वतंत्रता आंदोलन में भाग लिया और समाज को जागरूक करने का काम किया । स्वतंत्रता के बाद आदिवासियों के हितों को ध्यान में रखते हुए संविधान में कई संवैधानिक प्रावधान किये गए है। इसमें 5 वी अनुसूची, पेशा कानून, पदोन्नति में आरक्षण आदि है। उन्होंने कहा कि 1996 में पेश कानून लागू हुआ जो आदिवासी क्षेत्र में विकास संबधी निर्णय लेने की शक्ति देता है। इस कानून के अनुसार ग्राम सभा मे सर्वसम्मति से जो निर्णय लिया जाता है उसे कोई नही बदल सकता।

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